Tuesday, February 13, 2018

‘टू व्हीलर टैक्सी’ हूँ सर


अलसुबह 4 बजे हबीबगंज स्टेशन पर उतरा। कैब बुक करनी चाही तो 110 रुपये ले रहे थे, सोचा थोड़ी देर इंतजार करता हूँ स्टेशन के बाहर। एक बाईक पास में आकर खड़ी होती है, एक भद्र नौजवान पूछता है, कहाँ जाना है आपको!! मैं छोड़ सकता हूँ। एकाएक सुबह 4 बजे कोई अपरिचित आपको छोड़ने जाने की पहल करे, तो सोचना लाज़िमी है। वो मुझे भांप गए और उन्होंने कहा कि मैं "टू व्हीलर टैक्सी" हूँ सर। मैने गन्तव्य बताया और उन्होंने किराया। चल पड़ी सवारी।
आगे जिज्ञासावश पूछा कि आपका नाम क्या है और क्या करते हैं। नाम अनीश कुमार उपाध्याय, बिहार से हूँ। ये वैष्णवी कालेज से इंजीनियरिंग पढ़ते हैं, रात को यह बाइक टैक्सी चलाते हैं और अपना जेब खर्च निकालते हैं। यही नहीं, शाम को 6 से 8 कोचिंग पढ़ाते हैं और अपना पढ़ाई खर्च निकालते हैं। शहर के लगभग 100 प्रतिष्ठानों के पास इनके नम्बर है और ये घरों में खाना/पिज़्ज़ा आदि सप्लाई भी करते हैं।
कहते हैं कोई काम छोटा बड़ा नहीं होता है। कहते है जून में परीक्षा होगी तो 1 माह सभी काम बंद करके पढूंगा। इनके कोई भी बैक नहीं लगे हैं।

इनकी दास्तान सुनकर समझ नहीं पाया कि पकौड़े की राजनीति पर बहस करूँ या फिर इनकी कहानी को साझा करुं। दुःखद यह जरूर है कि इस 22 साल के नौजवान को अपनी जगह बनाने के लिए इतनी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
बहरहाल बाईक टेक्सी में पहले 4 किलोमीटर के 30 रुपये और उसके बाद हर किलोमीटर के 8 रुपये। आप प्लेस्टोर से भी डाउनलोड कर सकते हैं।